शुद्ध अशुद्ध शब्द शुद्धि । Shudh Ashudh Shabd in Hindi

नमस्कार आज हम हिंदी व्याकरण के महत्वपूर्ण अध्याय मे से एक शुद्ध अशुद्ध शब्द शुद्धि (Shudh Ashudh Shabd in Hindi) के बारे मे अध्ययन करेंगे । इस अध्ययन के दौरान हम विभिन्न बिन्दुओ पर गौर करेंगे जो इस अध्याय से संबंधित है । जैसे शब्द शुद्धि क्या है? यहाँ पर आपको शुद्ध अशुद्ध शब्द Worksheet भी दी गई है जिसकी सहायता से आप अपनी तैयारी को और भी अधिक अच्छी कर पाओगे ।

परीक्षा की दृष्टि से देखे तो यह टॉपिक अतिमहत्वपूर्ण टोपिक्स मे से एक है क्योंकि विभिन्न भर्ती परीक्षाओ मे इस अध्याय से ढेर सारे प्रश्न पूछे जाते हैं । तो आइए शुरू करते है Shudh Ashudh Shabd in Hindi का अध्ययन ।

शुद्ध अशुद्ध शब्द शुद्धि । Shudh Ashudh Shabd in Hindi

व्याकरण अर्थात् भाषा के परिष्कृत रूप की जानकारी नहीं होने पर अनेक गलतियाँ होती हैं। जैसे स्वर सम्बन्धी, मात्रा सम्बन्धी, वर्ण सम्बन्धी, चिह्न सम्बन्धी जैसी अनेक ग़लतियाँ हैं जो अक्सर हो जाती हैं।

1. स्वरागम के कारण शुद्ध अशुद्ध शब्द – 

निम्न शब्दों में किसी वर्ण के साथ अनावश्यक स्वर प्रयुक्त हो जाने से वर्तनी अशुद्ध / ग़लत हो जाती है। जिसके चलते शब्द ग़लत हो जाता है।

ग़लत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
अकाशआकाशआधीनअधीन
व्यक्तीव्यक्तिअनाधिकारअनधिकार
अगामीआगामीदुरावस्थादुरवस्था
अतीअतिगत्यावरोधगत्यवरोध
अर्यावर्तआर्यावर्तद्वारिकाद्वारका
अवाज़आवाज़घुटुनाघुटना
भागीरथभगीरथअत्याधिकअत्यधिक
शताब्दिशताब्दीअभ्यार्थीअभ्यर्थी
अविष्कारआविष्कारअहिल्याअहल्या
आशिर्वादआशीर्वादशमशानश्मशान
प्रदर्शिनीप्रदर्शनीप्रतितप्रतीत
पुनरावलोकनपुनरवलोकनव्यौपारीव्यापारी
पुत्रिपुत्रीदिपिकादीपिका
आखरीआख़िरीलोकिकलौकिक
इदईदकुटम्बकुटुम्ब
गोदावरिगोदावरीजलूसजुलूस
मैथलीमैथिलीपत्निपत्नी
अगामीआगामीतुलसिदासतुलसीदास
गोरवगौरवतिर्थतीर्थ
महात्म्यमाहात्म्यशिर्षकशीर्षक
अजीवकाआजीविकापिढ़िपीढ़ी
कुमुदनीकुमुदिनीस्वस्थ्यस्वास्थ्य
इश्वरईश्वरवयवृद्धवयोवृद्ध
प्रतिकप्रतीकमुकटमुकुट
परिक्षापरीक्षाअजानुआजानु
उन्नतशीलउन्नतिशीलप्राणिप्राणी
अतिश्योक्तिअतिशयोक्तिबिमारबीमार
मुकन्दमुकुन्दअमिरअमीर
आप्लवितआप्लावितअतीथीअतिथि
दुगनीदुगुनीबदामबादाम
कीर्तीकीर्तिविपन्नवस्थाविपन्नावस्था
कुटीयाकुटियासतरंगनीसतरंगिनी
गीननागिननायुधिष्ठरयुधिष्ठिर
ओरतऔरतमिट्टिमिट्टी
मिठामीठाअन्त्यक्षरीअन्त्याक्षरी
पाकीस्तानपाकिस्तानफिटकरीफिटकिरी
पुष्टीपुष्टिविरहणीविरहिणी
सङ्घीसिद्धिवाहनीवाहिनी
रिदीरिद्धिपरितोषकपारितोषिक
भगीरथीभागीरथीजिराजीरा
अष्टवक्रअष्टावक्रजमाताजामाता
हिंगहींगनृत्यंगनानृत्यांगना

2. वर्ण सम्बन्धी ग़लती शुद्ध अशुद्ध शब्द

जब शब्द में वर्ण से सम्बन्धित ग़लती हो जाती है तो उसे वर्ण सम्बन्धी ग़लती कहा जाता है।

जैसे:-

ग़लत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
अवन्नतिअवनतिषष्ठम्षष्ठ
बुद्धवारबुधवारसदृश्यसदृश
अहिल्यअहल्यानिश्च्छलनिश्छल
उत्पात्उत्पातसमुन्द्रसमुद्र
केन्द्रीयकरणकेन्द्रीकरणशुभेच्छुकशुभेच्छु
कृत्य – कृत्यकृत-कृत्यप्रज्ज्वलितप्रज्वलित
अन्तर्ध्यानअन्तर्धानपूज्यनीयपूजनीय
श्रापशापनिन्द्रितनिद्रित
गोवर्धनगोवर्धन  

3. व्यंजन लोप के कारण Shudh Ashudh Shabd in Hindi

 : जब शब्द में व्यंजन का लोप हो जाता है तो उसे व्यंजन सम्बन्धी ग़लती कहा जाता है।

         जैसे :

ग़लत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
अध्यनअध्ययनविदयालयविद्यालय
उमीदवारउम्मीदवारमहछायामहच्छाया
व्यंगव्यंग्यउछृंखलउच्छृंखल
लक्ष्मीछायालक्ष्मीच्छायाउद्देशउद्देश्य
विछेदविच्छेदमहत्वमहत्त्व
सन्धिछेदसन्धिच्छेदसमुचयसमुच्चय
सचरित्रसच्चरित्रउपलक्षउपलक्ष्य
समुदसमुद्रतरुछायातरुच्छाया
वृक्षछायावृक्षच्छायाआर्दआर्द्र
निरलम्बनिरवलम्बराजाभिषेकराज्याभिषेक
पुनजन्मपुनर्जन्मस्वातन्त्रस्वातन्त्रय
ईर्षाईर्ष्यातदन्तरतदनन्तर
सजनसज्जनसामर्थसामर्थ्य
सचरित्रसच्चरित्रउपलक्षउपलक्ष्य
वर्स्यवर्त्स्यद्वन्दद्वंद्व
उत्पनउत्पन्नसमुनयनसमुन्नयन
मिष्टानमिष्टान्नयोधायोद्धा
उलंघनउल्लंघनस्तनपानस्तन्यपान
तत्वाधानतत्त्वावधानतत्वतत्त्व
श्रेयकरश्रेयस्करस्वालम्बनस्वावलम्बन
पुरकारपुरस्कार  

4. वर्णक्रम भंग के कारण शुद्ध अशुद्ध शब्द :

 वर्तनी में किसी वर्ण का क्रम बदलने परअर्थात् वर्ण का क्रम आगे पीछे होने पर वर्तनी अशुद्ध हो जाएगी। यथा-

ग़लत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
अथितिअतिथिमध्यान्हमध्याह्न
आव्हानआह्वानगव्हरगह्वर
आल्हादआह्लादअलमअमल
चिन्हचिह्नब्रम्हाब्रह्मा (ब्रह्मा)
जिव्हाजिहवाआन्नदआनन्द
प्रशसाप्रशंसामतबलमतलब

5.     वर्ण परिवर्तन के कारण शुद्ध अशुद्ध शब्द:

किसी वर्तनी में किसी वर्ण के स्थान पर दूसरा वर्ण लिख देने पर वर्तनी अशुद्ध हो जाती है।

         जैसे :

गलत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
उमरनाउमड़नाबतकबतख
कोशीकोसीदस्तकतदस्तख़त
करोरकरोडजुखामजुकाम
कराहीकड़ाहीसंगटनसंघटन
पापरपापड़संघठनसंगठ
सच्जनसज्जनयथेष्ठयथेष्ट
जगत्जीवनजगज्जीवनमिष्ठान्नमिष्टान्न
कीचरकीचड़संश्लिष्ठसंश्लिष्ट
किवारकिवाड़कनिष्टकनिष्ठ
भेरियाभेड़ियापांचपाँच
कुष्टकुष्ठदूददूध
धनाड्यधनाढ्यपीरापीड़ा
ऋनऋणअविस्कारअविष्कार
सुश्रूषाशुश्रूषाअसोकअशोक
आशीशआशीषअभिसेकअभिषेक
कोशीकोसीकौसल्याकौशल्या
समसानश्मशानसुसमासुषमा
छेमक्षेमविसमताविषमता
आकांछाआकांक्षाकलसकलश
आमिशआमिषकुसलकुशल
विध्वंशविध्वंसप्रस्नप्रश्न
निसिद्धनिषिद्धकैलाशकैलास
ऊँगनाऊँघनादुस्करदुष्कर
मेगनादमेघनाददुशासनदुश्शासन
रिमजिमरिमझिमनिस्श्वासनिश्श्वास
सन्तुष्ठसन्तुष्टजाचनायाचना
परिशिष्ठपरिशिष्टजुवतीयुवती
बलिष्टबलिष्ठजुवायुवा
कटहराकठहरा  
पापरपापड़सीडीसीढ़ी
भीस्मभीष्मरामायनरामायण
वास्पवाष्पपुन्यपुण्य
जोगयोगअवकासअवकाश
जमयमजदियदि
पुरष्कारपुरस्काररामचन्दररामचन्द्र
विध्यालयविद्यालयछमाक्षमा
छीणक्षीणलघुमनलक्ष्मण
वांगमयवाङ्मयमन्डलमण्डल
सम्वत्संवत्सन्यासीसंन्यासी
सम्वादसंवादइन्होनेंइन्होंने
करेगेंकरेंगेसम्वर्धनसंवर्धन

6.     जब चन्द्रबिन्दु के स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग किया जाता है तो उसे चन्द्रबिन्दु से सम्बन्धित ग़लती कहा जाता है। यदि अनुस्वार का गलत प्रयोग करते हैं तो वह अनुस्वार से सम्बन्धित ग़लती कहलाती है।

         जैसे :

गलत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
दांतदाँतडांटडाँट
आंखआँखउंगलीऊँगली
ऊंटऊँटचांदचाँद
पहुंचपहुँचऊंचाऊँचा
ऊंचाईऊँचाईछांहछाँह
ढूंढ़नाढूँढ़नासांसीझाँसी
कुँआकुआँटांगनाटाँगना
दुनियाँदुनियाहंसनाहँसना
चन्चलचंचलषन्मुखषण्मुख
कंगनाकँगनाएकाकीएकांकी
उन्नीसवीउन्नीसवींदूंगादूँगा
स्वयम्वरस्वयंवरक्रांन्तिक्रान्ति
गांधीगाँधीहंसीहँसी
आंधीआँधीतांतताँत
मुहमुँहसूंडसूँड
सांझसाँझजाऊंगाजाऊँगा
दांतदाँतबंगलाबँगला
महंगामहँगासांकलसाँकल
पाँचवांपाँचवाँदिनाँकदिनांक

7.     रेफ सम्बन्धी शुद्ध अशुद्ध शब्द:-र रेफ के रूप में उचित वर्ण पर न लगाने से भी वर्तनीअशुद्ध हो जाती है। ‘र्’ रेफ के रूप में उस वर्ण पर लगाना चाहिए जिस वर्ण से पूर्व ‘र्’ का उच्चारण होता है।

गलत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
आर्शीवादआशीर्वादकरमनाशाकर्मनाशा
आकषर्णआकर्षणप्रर्वतकप्रवर्तक
उर्त्तीणउत्तीर्णअर्न्तगतअन्तर्गत
प्रार्दुभावप्रादुर्भावअंर्तयामीअंतर्यामी
दशर्नीयदर्शनीयअर्न्तभावअन्तर्भाव
मुर्हरममुहर्रममर्हणमहर्ण
दुव्यर्सनदुर्व्यसनप्राथर्नाप्रार्थना
पुर्नजन्मपुनर्जन्मशरर्दतुशरदर्तु
गर्वनरगवर्नरआर्युवेदआयुर्वेद
र्मिचमिर्चशार्गीदशागीर्द

8.     ॠ के स्थान पर र () के प्रयोग के कारण शुद्ध अशुद्ध शब्द :-

गलत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
श्रृंगारश्रृंगारद्रश्यदृश्य
द्रष्टिदृष्टिपैत्रिकपैतृक
ग्रहिणीगृहिणीरितुऋतु
भ्रंगभृंगरिणऋण
जाग्रतिजागृतिश्रंगश्रृंग
तिरस्क्रततिरस्कृतसम्रद्धसमृद्ध
ह्रदयहृदयश्रृंखलाश्रृंखला
स्रष्टिसृष्टिअनुग्रहीतअनुगृहीत
द्रष्टिदृष्टिप्रक्रतिप्रकृति
भ्रगुभृगुसंग्रहीतसंगृहीत
ग्रहीतगृहीतभ्रत्यभृत्य
व्रत्तान्तवृतांतम्रदंगमृदंग

9.     ‘र’ के स्थान पर ऋ’ के प्रयोग के कारण ग़लती हो जाती है। जैसे-

गलत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
बृजब्रजदृष्टाद्रष्टा
अनुगृहअनुग्रहजागृतजाग्रत
बृटिशब्रिटिशदृष्टव्यद्रष्टव्य

10.   र () के स्थान पर ‘त्र‘ के प्रयोग के कारण ग़लती हो जाती है। जैसे:-

गलत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
सहस्त्रसहस्रअजस्त्रअजस्र
स्रोतसत्रोतस्त्रावस्राव

11.   संयुक्ताक्षर सम्बन्धी शुद्ध अशुद्ध शब्द:

सही संयुक्ताक्षर का प्रयोग न करने सेवर्तनी अशुद्ध हो जाती है। जैसे :

गलत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
कब्बड़ीकबड्डीसचचासच्चा
प्रसिधप्रसिद्धपककापक्का
विध्यालयविद्यालयद्वन्द्वद्वंद्व
लगनलग्नदूधवालादूधवाला
दफ्तरदफ़्तरगद्धागद्दा
तत्वतत्त्वमहत्वमहत्त्व
ज्योत्सनाज्योत्स्नावर्स्यवर्त्स्य
पध्यपद्यगदगद्य

12.   सन्धि सम्बन्धी शुद्ध अशुद्ध शब्द :

सही सन्धि न होने पर वर्तनी अशुद्ध हो जाती है।

         जैसे:-

गलत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
अत्याधिकअत्यधिकनिरसनीरस
सम्वादसंवादउपरोक्तउपर्युक्त
अत्योक्तिअत्युक्तिपुनरोक्तिपुनरुक्ति
उज्जवलउज्ज्वलनिरोगनीरोग
इत्यार्थइत्यर्थतदोपरान्ततदुपरान्त
मध्वारिमध्वरसदोपदेशसदुपदेश
लघुतरलघूत्तरअन्तसाक्ष्यअन्तः साक्ष्य
मनहरमनोहरनिसंताननिस्संतान
मरुद्यानमरूद्यानअध्यनअध्ययन
यावत्जीवनयावज्जीवनइतिःपूर्वइतःपूर्व
उत्शिष्टउच्छिष्टषड़यन्त्रषड्यन्त्र
विसादविषादमनोकामनामन:कामना
रविन्द्ररवीन्द्रसंमानसम्मान
शरदुत्सवशरदोत्सवउज्वलउज्ज्वल
महेश्वर्यमहैश्वर्यमहत्जनमहज्जन
अनुसंगअनुषंगसत्जनसज्जन
अन्तर्चेतनाअन्तश्चेतनाभाष्करभास्कर
पयोपानपयःपानप्रातोकालप्रातःकाल
षट्मुखषण्मुखजगनाथजगन्नाथ

13.   समास सम्बन्धी शुद्ध अशुद्ध शब्द:

सामासिक प्रक्रिया में पदों के मेल पर उनके रूप में परिवर्तन भी होता है। अतः सही समास न होने से वर्तनी हो अशुद्ध जाती है।

         जैसे :  

गलत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
हस्तीदन्तहस्तिदन्तमन्त्री परिषद्मन्त्रि-परिषद्
योगीराजयोगिराजमंत्रीमण्डलमंत्रिमण्डल
पिता-भक्तिपितृ-भक्तिमाताहीनमातृहीन
सलज्जितसलज्जतपक्षीराजपक्षिराज
पक्षीगणपक्षिगणदुरात्मागणदुरात्मगण
निर्दोषीनिर्दोषमुनीजनमुनिजन
एकलौताइकलौतानवरात्रिनवरात्र
एकताराइकतारादुपहरदोपहर
निशिशेषनिशाशेषसशंकितसशंक
प्राणी- विज्ञानप्राणि-विज्ञानचक्रपाणीचक्रपाणि
आत्मापुरूषआत्मपुरुषराजागणराजगण
अहोरात्रअहोरात्रपिताभक्तिपितृभक्ति
राजापथराजपथविद्यार्थीगणविद्यार्थिगण
धनीत्वधनित्वशशीभूषणशशिभूषण
सानन्दिसानन्दसउदाहरणसोदाहरण
सकुशलपूर्वकसकुशलअनुवादितअनूदित
लघुत्तरलघूत्तरमातादेवमातृदेव
महाराजामहाराजनेतागणनेतृगण
निर्गुणीनिर्गुणदुराजदूराज
सूराजसुराजसतोगुणसत्त्वगुण
पक्षीराजपक्षिराज  

14.   प्रत्यय सम्बन्धी शुद्ध अशुद्ध शब्द:

प्रत्यय का सही प्रयोग न होने पर प्रत्यय सम्बन्धी ग़लती हो जाती है।

         जैसे :

गलत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
व्यवहारिकव्यावहारिकआधीनअधीन
सेनिकसैनिकपुराणिकपौराणिक
धैर्यताधैर्य, धीरतायोगिकयौगिक
उत्कर्षताउत्कर्षमाधुर्यतामाधुर्य
सौन्दर्यतासौन्दर्यकौशलताकौशल
ज्ञानमान्ज्ञानवान्बाहुल्यताबाहुल्य
देहिकदैहिकनिरपराधीनिरपराध
दाइत्वदायित्वनिर्दयीनिर्दय
निर्दोषीनिर्दोषअभ्यन्तरिकआभ्यान्तरिक
यौवनावस्थायौवनअनुयाईअनुयायी
आवश्यकीयआवश्यकउत्तरदाईउत्तरदायी
अनुवादितअनूदितऐक्यताऐक्य
कृधितकृतघ्नचारूताईचारूता
लब्धप्रतिष्ठितलब्ध-प्रतिष्ठजानतान्त्रिकजनतान्त्रिक
अनुपातिकआनुपातिकतत्वतत्त्व
इतिहासिकऐतिहासिकवेदिकवैदिक
तत्कालिकतात्कालिकभूगोलिकभौगोलिक
सौन्दर्यतासौन्दर्यत्रिवार्षिकत्रैवार्षिक
औदार्यताऔदार्यअभिशापितअभिशप्त
प्रधान्यताप्राधान्यनैपुण्यतानिपुणता
मान्नीयमाननीय,मान्यलावण्यतालावण्य
नीरोगीनीरोगदरिद्रीदरिद्र
विधिवतविधिवत्निर्धनीनिर्धन
मान्यनीयमाननीयएकत्रितएकत्र

15.   लिंग सम्बन्धी शुद्ध अशुद्ध शब्द : 

अशुद्ध लिंग रूप भी वर्तनी सम्बन्धी अशुद्धि बन जाती है।

         जैसे :

गलत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
कवियित्रीकवयित्रीअनाथिनीअनाथा
दिगम्बरीदिगम्बराहथनीहथिनी
पिशाचनीपिशाचीसुलोचनसुलोचना
भुजंगिनीभुजंगीविदुषिविदुषी
हंसनीहंसिनीगायकीगायिका
ठाकुराइनठकुराइनगृहणीगृहिणी
सरोजनीसरोजिनीकामनीकामिनी
चातकिनीचातकीकृशांगिनीकृशांगी
श्रीमतिश्रीमतीश्रीमान‌्रानीश्रीमती रानी
साम्राज्ञीसम्राज्ञीचमारनचमारिन
नारिनारीप्रियदर्शनीप्रियदर्शिन
कमलनीकमलिनीगोपिनगोपी
बुद्धिमतिबुद्धिमतीकर्तीकर्त्री
प्रयेषिप्रेयसीतपस्वनीतपस्विनी
त्रिनयनीत्रिनयनाविहंगिनीविहंगी

16.   वचन सम्बन्धी शुद्ध अशुद्ध शब्द :

बहुवचन बनाने में भी गलतियाँ हो जाती हैं।

         जैसे:

गलत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
दवाईयाँदवाइयाँग़लतीयाँग़लतियाँ
मिठाईयाँमिठाइयाँपरीक्षार्थीयोंपरीक्षार्थियों
संन्यासीवर्गसंन्यासिवर्गप्राणीवृन्दप्राणिवृन्द
इकाईयाँइकाइयाँमहीलाओंमहिलाओं
हिन्दूओंहिन्दुओंखेतीहरखेतिहर
विद्यार्थीगणविद्यार्थिगणनारीयोंनारियों

17.   विसर्ग सम्बन्धी शुद्ध अशुद्ध शब्द

वर्तनी में सही विसर्ग का प्रयोग न करने या विसर्ग से सम्बन्धित की अशुद्धि पर वर्तनी सम्बन्धी अशुद्धि हो जाती है। जैसे :

गलत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
प्रातकालप्रातःकालनिश्वासनिःश्वास
दुखदुःखप्रायप्रायः
नमशिवायनमः शिवायअन्तकरणअन्तःकरण
अतः एवअतएवप्रातप्रातः.
अतअतःअधोपतनअधःपतन
निश्वासनिःश्वासनिकंटकनिष्कंटक/निःकंटक
निसन्देहनिःसन्देह/निस्सन्देह  

18.   हलन्त सम्बन्धी ग़लतियाँ शुद्ध अशुद्ध शब्द

गलत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
परिषदपरिषद्अर्थातअर्थात्
षडयन्त्रषड्यन्त्रभगवनभगवान्
षटरसषड्रसमहानमहान्
भविष्यतभविष्यत्तड़िततड़ित्
भाषाविदभाषाविद्सदगुणसद्गुण
उच्छवासउच्छ्वाससतचितसच्चित्
उदघाटनउद्घाटनउदगारउद्गार
साक्षातसाक्षात्विद्युतविदयुत्
बुद्धिमानबुद्धिमान्पृथकपृथक्

19.   उपसर्ग सम्बन्धी शुद्ध अशुद्ध शब्द :

 सही उपसर्ग का प्रयोग न होने या अनावश्यक उपसर्ग लगा देने से भी वर्तनी सम्बन्धी ग़लती हो जाती है।

         जैसे :

गलत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
उदण्डउद्दण्डसजनसज्जन
बेफ़ज़ूलफजूलसोदाहरणपूर्वकसोदाहरण
सविनयपूर्वकसविनय  

20.   मात्रा सम्बन्धी शुद्ध अशुद्ध शब्द:

 स्वर की उचित स्थान पर मात्रा के प्रयोग न करने से सर्वाधिक वर्तनी सम्बन्धी ग़लतियाँ होती हैं।

         जैसे :

गलत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
रात्रीरात्रिगिरीगिरि
हानीहानिनिधीनिधि
वाल्मीकीवाल्मीकिसरस्वतिसरस्वती
मूर्तीमूर्तितिलांजलीतिलांजलि
ईकाईइकाईइसाईईसाई
बिमारबीमारसंधीसन्धि
पत्निपत्नीमहादेविमहादेवी
रचियतारचयितादिनादीना
दिवारदीवारइप्सितईप्सित
लघूलघुशत्रूशत्रु
ज़ारिजारीमूमूर्षमुमूर्ष
तारिफतारीफ़सुक्ष्मसूक्ष्म
तारिखतारीखमुहुर्तमुहूर्त
जीलाज़िला    एरावतऐरावत
वित्तेषणावित्तैषणामुल्यमूल्य
न्यौछावरन्योछावरओजारऔज़ार
त्यौहारत्योहारकालीदासकालिदास
सच्चीदानंदसच्चिदानंदपानिपानी
मधूरमधुरदिनारदीनार
अमुल्यअमूल्यप्रतिनिधीप्रतिनिधि
मिनारमीनारपरिक्षापरीक्षा
पतीपतिसत्यवतिसत्यवती
निरिक्षणनिरीक्षणसरस्वतिसरस्वती
महिनामहीनादेविदेवी
पिपिलिकापिपीलिकापालीकापालिका
गुरूगुरुवधुवधू
अश्रूअश्रुसमुहसमूह
सामुहिकसामूहिकजाउँगाजाऊँगा
विणावीणा कुतुहल
एच्छिकऐच्छिकवीषयविषय
त्यौहारत्योहारभोतिकभौतिक
दधीचीदधीचिओरतऔरत
रूपयारुपयानीतीनीति
नुपुरनूपुरवधुवधू

21.   अन्य कारण शुद्ध अशुद्ध शब्द: 

उपर्युक्त कारणों के अतिरिक्त वर्तनी अशुद्धि के और भी कई कारण हो सकते हैं।

         जैसे :

ग़लत शब्दसही शब्दग़लत शब्दसही शब्द
इस्कूलस्कूलकचेड़ीकचहरी
कृष्णाकृष्णसपेशलस्पेशल
कालेजकॉलेजसपलेण्डरस्पलेण्डर
बारहवीबारहवींतेहरवीतेरहवीं
सहाबसाहबइस्नानस्नान
गुप्तागुप्तवालीबालवॉलीबॉल
तियालीसतैंतालीसमंजिलमंज़िल
फ़ारसीफ़ारसी  

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महत्वपूर्ण प्रश्न

शुद्ध अशुद्ध शब्द क्या है?

व्याकरण अर्थात् भाषा के परिष्कृत रूप की जानकारी नहीं होने पर अनेक गलतियाँ होती हैं। जैसे स्वर सम्बन्धी, मात्रा सम्बन्धी, वर्ण सम्बन्धी, चिह्न सम्बन्धी जैसी अनेक ग़लतियाँ हैं जो अक्सर हो जाती हैं।

आवाज का शुद्ध शब्द क्या होगा?

आवाज़ 

शुद्ध वर्तनी कैसे पहचाने?

किसी शब्द में आये हुए अक्षरों को मात्राओं सहित कहने या लिखने की रीति को वर्तनी कहते हैं।
वर्तनी का सम्बन्ध का सीधा सम्बन्ध उच्चारण से होता है ।
यदि उच्चारण शुद्ध होगा तो वर्तनी शुद्ध होगी और यदि उच्चारण अशुद्ध होगा तो वर्तनी भी अशुद्ध होगी।

नमस्कार, मेरा नाम अजीतपाल हैं। मैंने हिंदी साहित्य से स्नातक किया है। मेरा शुरूवात से ही हिंदी विषय के प्रति लगाव होने के कारण मैंने हिंदी विषय के बारे में लेखन का कार्य आरभ किया। हाल फ़िलहाल में Pathatu एजुकेशन प्लेटफार्म के लिए लेखन का कार्य कर रहा हूँ।

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